HINDI NEWS SIRSA: डेरा सच्चा सौदा सरसा में चल रहे कैंप से हुए खुश : मरीजों के परिजन

अभिनंदन ने मीडिया को खूब धोया : देखें पूरा वीडियो

अभिनंदन ने मीडिया को खूब धोया :  देखें पूरा वीडियो

Friday, December 14, 2018

डेरा सच्चा सौदा सरसा में चल रहे कैंप से हुए खुश : मरीजों के परिजन

सरसा (HNS)। डेरा सच्चा सौदा सरसा में चल रहे 27वें याद-ए-मुर्शिद परम पिता शाह सतनाम जी महाराज मुफ्त आंखों के कैंप में मरीजों के आॅप्रेशन शाह सतनाम जी स्पैशलिटी अस्पताल में शुरू हो गए हैं। कैंप का लाभ लेने आए मरीजों के परिजनों ने बातचीत करते हुए व्यवस्था को लेकर संतुष्टि प्रकट की।

जहांगीर पुरी (दिल्ली) से अपनी पत्नी की आंख का आॅपे्रशन करवाने आए दविन्दर सिंह ने बताया कि उन्हें कैंप में पहुंचकर अच्छा महसूस हो रहा है। यहां सेवादारों द्वारा बेहतर संभाल की जा रही है। यहां ऐसा महसूस हो रहा है जैसे सेवा का समुद्र बह रहा हो।

दविन्दर सिंह
 पक्का कलां (जिला बठिंडा) से अपनी ननद की आंख का आॅपे्रशन करवाने आई परमला रानी ने बताया कि कैंप में पहुंचकर उन्हें बहुत अच्छा महसूस हो रहा है। यहां सारा इलाज मुफ्त किया जा रहा है और खाने-पीने की सेवा भी बेहतर तरीके से की जा रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें महसूस ही नहीं हो रहा कि वे पिछले तीन दिनों से यहां आए हुए हैं।

परमला रानी
फिरोजपुर (पंजाब) से अपनी मौसी के आंख का आॅपे्रशन करवाने आई बिमला रानी ने बताया कि उन्हें यहां घर जैसा माहौल लग रहा है। 

बिमला रानी
धमतान साहिब से अपनी मां की आंख का इलाज करवाने आई बबीता रानी ने कहा कि यहां सफाई व्यवस्था से वह बेहद प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि इस तरह मरीजों की संभाल व साफ-सफाई का ध्यान कहीं ओर नहीं
देखा। मुझे यहां सेवादारों का संभाल करने का तरीका इस तरह लगा जैसे वह अपने परिवार के सदस्यों की संभाल कर रहे हों।

बबीता रानी

रायबरेली, ब्लाक उचाहर (यूपी) से अपने भाई की आंख का आॅपे्रशन करवाने आए जग्गा सिंह ने कहा कि उन्हें यहां डाक्टरों व मरीजों द्वारा परिवार से भी ज्यादा प्यार मिला। उन्होंने कहा कि हमें यहां न तो खाने-पीने की कोई परेशानी आई और न ही मरीज की संभाल करने की। सेवादार मरीजों को अपने परिवारिक सदस्यों की तरह संभाल रहे हैं।

जग्गा सिंह
राजपुर जिला चूरू (राजस्थान) से अपने पिता की आंख का आॅपे्रशन करवाने आए बाहला राम ने कहा कि वह कैंप में अपने मरीज का इलाज करवाकर संतुष्ट महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरे पिता की एक एक आंख का आॅपे्रशन 2013 में करवाया था जोकि बिल्कुल ठीक-ठाक है, उस वक्त भी इलाज प्रणाली से ही प्रभावित होकर अब फिर दूसरी आंख के आॅपे्रशन की जरूरत पर यहां आए हैं। कैंप तो बहुत देखे हैं लेकिन ऐसा कैंप मैंने अपने जीवन में कहीं भी नहीं देखा।

बाहला राम
27 वें याद-ए-मुर्शिद फ्री आई कैंप में ऑपरेशन के दूसरे दिन तक 54 अंधेरी जिंदगियों में आया उजाला

No comments:

Post a Comment